Monday, 6 November 2017

पाट -13 -ऐसे थे लाल बहदुर शास्त्री-शब्दार्थ

जिज्ञासाजानने की इच्छा,  उत्सुकता
(बच्चों को नई-नई चीज़ों की जिज्ञासा होती है।
अवस्था-उम्र
(बचपन की अवस्था में बच्चे खेलना पसंद करते हैं।

प्रयत्न-कोशिश (कक्षा में प्रथम आने के लिए हमें प्रयत्न करना चाहिए।
नौ दो ग्यारह होना-डरकर भाग जाना (पुलिस को देखकर चोर नौ दो ग्यारह हो गए।
आजीवन-सारा जीवन (हमें आजीवन सत्य के पथ पर चलना चाहिए।
सौंपा-दिया जाना (पिता जी ने मुझे एक काम सौंपा है।

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