ऐसे थे लालबहादुर शास्त्री -माधुरी
1.नन्हें किसके बचपन का नाम था?
ऐसे थे लालबहादुर शास्त्री -माधुरी
1.नन्हें किसके बचपन का नाम था?
C.R.A.B. WORKSHEET
कक्षा – तीसरी
पाठ – चूँ -चूँ की टोपी
C – CHALLENGING
1. अभिकथन –चूहा कपड़ा लेकर दर्ज़ी के पास गया।
कारण - उसे टोपी सिलवाना था।
विकल्प - (क) अभिकथन सही है लेकिन कारण गलत है ।
(ख) अभिकथन गलत है और कारण सही है ।
(ग) अभिकथन और कारण दोनों सही है ।
(घ) अभिकथन और कारण दोनों गलत है ।
R – RECAP
१. कमरे में कौन उछल रहे थे?
२ . खाली कमरे में चूहे को क्या मिलता है ?
३. चूहा खुश क्याें हो जाता है ?
A – ADVANCED
(क) आप अपनी टोपी को किस तरह से सजाते हैं ?
(ख) अगर आपकी टोपी कागज़,पत्ते की हो तो उससे क्या-क्या फायदे होंगे ?
(ग) लाल कपड़े को देखकर चूहा बहुत खुश हुआ,आपको किन-किन कामों में खुशी मिलती है लिखिए ।
B - BASIC
(क) पाठ का नाम
''चूँ-चूँ की टोपी'' क्यूँ रखा गया ?
इस नाटक के माध्यम से एक चूहे के मन की बात को बताया गया है।वह टोपी पहनकर अपने आपको राजा समझता है।
(ख) पाठ चूँ-चूँ की टोपी में
से मिली शिक्षा को अपने जीवन में किस प्रकार प्रयोग करोगे लिखिए I
१.नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
(क) नाटक चूँ-चूँ की टोपी में प्रमुख पात्र कौन है ?
(ख) खाली कमरे
में कौन उछल रहे हैं ?
(ग) खाली कमरे
में चूहे को क्या मिलता है ?
(घ) गठरी से
चूहे को क्या मिलता है ?
(ङ) कपडे को
देखकर चूहा कैसे हो जाता है ?
(च)चूहा उस
कपडे से क्या बनवाना चाहता है ?
(छ) दर्जी ने
चूहे से क्या कहा ?
(ज)चूहा टोपी
पर क्या सजाना चाहता था ?
(झ) चूहे ने
अपनी सूरत किसमें देखा ?
(ञ) चूहा कहाँ
चल पड़ता है ?
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