पत्र लेखन
गर्मी की छुटटियाँ कैसे बिताई इस बारे में मित्र को पत्र लिखिए।
VIM-481
शैलश्री विहार,
चंद्रशेखरपुर,भुवनेश्वर।
दिनांक- 2 मार्च 2026
प्रिय मित्र रोहित,
सप्रेम नमस्कार ।
तुम कैसे हो? हम सब यहाँ भगवान की कृपा से सकुशल हैं। हम इस बार गर्मी की छुट्टियों में कश्मीर गए थे। वहाँ की खूबसूरती ने हमारा मन मोह लिया। बर्फीले पहाड़ और रंग-बिरंगे फूल देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा। हम हाऊस बोट में भी बैठे और झील की सैर की। काश! तुम भी हमारे साथ होते तो बहुत मज़ा आता। अपने माता और पिता को मेरा प्रणाम कहना।
आपका प्यारा मित्र
कखग
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आपने दशहरे (दुर्गा पूजा )की छुट्टियाँ कैसे बिताई इस बारे में बताते हुए अपने मित्र को एक पत्र लिखिए।
भी.आई.एम-481,
शैलश्री विहार,
भुवनेश्वर-21
दिनांक-15 अक्टूबर 2025
प्रिय राहुल,
सप्रेम नमस्कार।
मैं यहाँ ठीक हूँ। आशा करता हूँ कि तुम भी अपने परिवार के साथ ठीक होगे। मैं इस बार दुर्गा पूजा की छुट्टियों में कोलकता घूमने गया था। वहाँ मैंने बहुत सारे पंडाल देखे जहाँ दुर्गा माता की सुंदर-सुंदर प्रतिमाएँ थीं। शाम को चारों तरफ बहुत भीड़ थी। वहाँ मेला भी लगा हुआ था। सभी लोग बहुत प्रसन्न दिखाई दे रहे थे। अगर तुम साथ होते तो बहुत मज़ा आता। मेरी ओर से अपने माता-पिता को प्रणाम कहना।
तुम्हारा मित्र
कखग
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अपनी दादीजी को सुबह की सैर के फ़ायदे के बारे में बताते हुए पत्र लिखिए
अपना पता
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दिनांक - 2 मार्च 2026
पूज्य दादीजी,
सादर चरण स्पर्श।मैं यहाँ ठीक हूँ । आशा करता हूँ कि आप भी ठीक होंगी। दादी जी ,आज मैं आपको सुबह की सैर के फायदे के बारे में बताने के लिए पत्र लिख रहा हूँ। सुबह सैर करने से शरीर स्वस्थ रहता है और मन खुश रहता है। शरीर में नई ताज़गी आ जाती है और काम करने में भी मन लगता है।आप भी सुबह सैर करते रहिए। दादाजी,चाचा और चाची को मेरा प्रणाम कहना और टिंकू को मेरा प्यार।
आपका प्यारा पोता (लड़कों के लिए)
कखग
आपकी प्यारी पोती (लड़कियों के लिए)
कखग
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